इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने सभी कर्मचारियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने की जगह अलग-अलग लेवल के हिसाब से फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्या है अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव?
अभी तक वेतन आयोगों में सभी कर्मचारियों पर एक ही फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता रहा है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का यूनिफॉर्म फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ था। लेकिन इस बार IRTSA ने अलग-अलग वेतन स्तरों के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग उठाई है।
प्रस्ताव के अनुसार:
लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों के लिए 2.92 फिटमेंट फैक्टर, लेवल 6 से 8 तक के लिए 3.50, लेवल 9 से 12 तक के लिए 3.80, लेवल 13 से 16 तक के अधिकारियों के लिए 4.09 और लेवल 17 और 18 के अधिकारियों के लिए 4.38 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है।
क्यों उठ रही है अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सभी लेवल के कर्मचारियों की जिम्मेदारियां, महंगाई का प्रभाव और काम का दबाव अलग-अलग होता है। ऐसे में एक समान फिटमेंट फैक्टर लागू करना पूरी तरह न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। यूनियन का तर्क है कि अलग-अलग स्तर के हिसाब से फिटमेंट तय होने पर वेतन संरचना ज्यादा संतुलित और व्यावहारिक बनेगी।

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