कई शिक्षक रह गए थे प्रशिक्षण से वंचित
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कुछ शिक्षक भाग नहीं ले पाए थे। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें चुनावी कार्यों में ड्यूटी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और अन्य अपरिहार्य परिस्थितियां शामिल थीं। ऐसे शिक्षकों के लिए अब विशेष व्यवस्था की गई है ताकि उनका प्रशिक्षण अधूरा न रह जाए।
1 जून से शुरू होगी प्रशिक्षण प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार पात्र शिक्षकों को 1 जून से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होना होगा। इससे वे अपनी लंबित प्रशिक्षण प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे और भविष्य की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
आवंटित केंद्र पर पहुंचना होगा
परिषद ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को उनके लिए निर्धारित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। संबंधित संस्थानों में प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था की गई है ताकि सभी पात्र शिक्षक इसका लाभ उठा सकें।
नए सत्र में मिलेगी प्राथमिकता
शिक्षा विभाग ने यह भी तय किया है कि जिन शिक्षकों का प्रशिक्षण अधूरा रह गया था, उन्हें आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण पूरा कराया जाएगा। इससे किसी भी शिक्षक के पेशेवर विकास पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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