अंतिम चरण में पहुंची वार्ता
उन्होंने कहा की भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में अब बहुत कम दूरी बाकी रह गई है। दोनों देशों के बीच लगभग सभी बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और केवल अंतिम औपचारिकताओं पर काम जारी है। इसे जल्द पूरा करने की दिशा में दोनों पक्ष सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
भारत आएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून के बीच भारत आने वाला है। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारी लंबित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे और समझौते को अंतिम आकार देने की कोशिश करेंगे। यह दौरा इस साल की शुरुआत में वॉशिंगटन में हुई द्विपक्षीय वार्ताओं का ही अगला चरण माना जा रहा है।
इस डील के लिए पहले भारत ने भेजी थी वार्ता टीम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए भारत की एक टीम हाल ही में वॉशिंगटन डीसी भी गई थी। वहां दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी। अब अमेरिकी टीम भारत आकर बातचीत को आगे बढ़ाएगी, जिससे प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच सके।
दोनों देशों के बीच 20 वर्षों में व्यापार में जबरदस्त बढ़ोतरी
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में पिछले दो दशकों में तेजी से विस्तार हुआ है। जहां पहले द्विपक्षीय व्यापार सीमित स्तर पर था, वहीं अब यह कई गुना बढ़कर सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह बढ़ोतरी दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों को दर्शाती है।
समझौते का उद्देश्य क्या है? वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर?
इस प्रस्तावित ट्रेड डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार पहुंच को बढ़ाना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है। इसमें टैरिफ, कस्टम प्रक्रिया, गैर-टैरिफ बाधाओं और व्यापार सुविधा जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अगर यह समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो इसका असर केवल भारत और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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