खेती को लाभकारी बनाने पर जोर
सरकार का मानना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जाएगा।
मौसम के अनुसार खेती की सलाह
बदलते मौसम और जलवायु संबंधी चुनौतियों को देखते हुए अभियान में किसानों को फसल चयन और खेती की रणनीति पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। वैज्ञानिक खेतों तक पहुंचकर बताएंगे कि वर्तमान परिस्थितियों में कौन-सी फसल अधिक लाभकारी हो सकती है और कम पानी में खेती के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं।
योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर फोकस
अभियान के दौरान उन किसानों की पहचान भी की जाएगी जो अभी तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं। ऐसे किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और अन्य कृषि कल्याण योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पंचायत स्तर पर कृषि यंत्रों और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी देकर किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा।
पुरे देशभर में तैनात होंगी हजारों टीमें
इस अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गई है। देशभर में 1650 से अधिक टीमें गांवों का दौरा करेंगी और किसानों से सीधे संवाद करेंगी। विशेष रूप से उन जिलों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जहां रासायनिक उर्वरकों का उपयोग अत्यधिक है। वहां विशेषज्ञ टीमें किसानों को संतुलित खेती और मिट्टी संरक्षण के उपायों की जानकारी देंगी।

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