बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, ये नई योजना लागू

पटना। बिहार के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार और सहकारी संस्थाओं की नई पहल के तहत अब किसानों को अपनी सब्जियां बेचने के लिए बाजार की अनिश्चितताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। फूड प्रोसेसिंग और बड़ी कंपनियां सीधे किसानों से सब्जियों की खरीद करेंगी, जिससे उन्हें बेहतर दाम और स्थिर बाजार मिल सकेगा।

वेजफेड की अहम भूमिका

इस पूरी व्यवस्था में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वेजफेड के माध्यम से किसानों को न केवल प्रसंस्करण की सुविधा दी जा रही है, बल्कि उन्हें बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। इससे किसानों और उद्योगों के बीच एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार हो रही है।

पहले से शुरू हुई आपूर्ति

वर्तमान में वैशाली जिले के लालगंज स्थित हिंदुस्तान यूनिलीवर की इकाई और मदर डेयरी जैसी प्रमुख संस्थाओं को सब्जियों की नियमित आपूर्ति शुरू हो चुकी है। यह मॉडल किसानों को यह भरोसा देता है कि उनकी उपज का एक स्थिर खरीदार पहले से मौजूद है।

आगे और बढ़ेगा नेटवर्क

आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तृत करने की योजना है। एचयूएल, नेचर फ्रेश, टेक्निको, जैन इरिगेशन, किविसा एग्रो, प्रकाशश्री एग्रो और अन्य कई बड़ी कंपनियों के साथ सब्जी आपूर्ति को जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कंपनियों और किसान संगठनों के बीच सहमति भी बन चुकी है।

100 करोड़ रुपये के समझौते

इस पहल को मजबूत बनाने के लिए कंपनियों और सब्जी उत्पादक संघों के बीच लगभग 100 करोड़ रुपये के कई महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। यह निवेश राज्य के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद करेगा।

किसानों को मिलेगा उचित मूल्य

सहकारिता विभाग के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य दिलाना है। अब बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और किसान सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे।

गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान

सरकार और संबंधित विभागों द्वारा यह भी तय किया गया है कि सब्जी उत्पादक संघ गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे। इससे अधिक से अधिक किसानों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा और उन्हें आधुनिक कृषि बाजार का हिस्सा बनाया जाएगा।

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