2016 से लंबित एरियर का होगा भुगतान
सरकारी आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए या सेवा के दौरान जिन कर्मचारियों का निधन हो गया, उनके पेंशन और फैमिली पेंशन से जुड़ा बकाया अब तुरंत प्रभाव से जारी किया जाएगा। इस फैसले के दायरे में वे पेंशनर भी शामिल हैं जिनकी मूल पेंशन 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक और फैमिली पेंशन 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सबसे अधिक राहत मिलने की संभावना है।
लंबित राशि अब 'शून्य' की ओर
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस भुगतान के बाद पात्र पेंशनरों का लंबित एरियर शून्य कर दिया जाएगा। वर्षों से अपने बकाए की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि पहले से दी गई अंतरिम राहत और महंगाई राहत की किस्तों को कुल एरियर में समायोजित किया जाएगा। इसके बाद केवल वास्तविक देय राशि ही भुगतान के रूप में जारी होगी।
नेट भुगतान की व्यवस्था लागू
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी पेंशनर को पहले अधिक भुगतान मिल चुका है, तो उसका समायोजन आगामी एरियर या महंगाई राहत में किया जाएगा। यानी अब सभी मामलों में अंतिम भुगतान 'नेट देय राशि' के आधार पर किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की अतिरिक्त या गलत भुगतान की स्थिति से बचा जा सकेगा।
बैंकों और विभागों को दिए निर्देश
सरकार ने सभी पेंशन वितरण प्राधिकरणों और संबंधित बैंकों को निर्देश जारी किए हैं कि भुगतान प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरती जाए। किसी भी अतिरिक्त राशि की स्थिति में तुरंत समायोजन सुनिश्चित किया जाए और केवल वास्तविक देय राशि ही पेंशनरों को दी जाए।

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