शिक्षक संगठनों का कहना है कि स्कूल खुलने के शुरुआती दिनों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से कुछ संगठनों ने विभाग से गर्मी की छुट्टियों को कुछ और दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल खोलने की तारीख में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
जनगणना ड्यूटी में लगे हैं शिक्षक
प्रदेश में जनगणना से जुड़ा काम 22 मई से चल रहा है, जो 20 जून तक पूरा होना प्रस्तावित है। शिक्षकों के अनुसार बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षामित्र इस कार्य में लगाए गए हैं। कई शिक्षकों की ड्यूटी उनके विद्यालय से अलग स्थानों पर लगी हुई है, जिससे स्कूल खुलने के बाद नियमित पढ़ाई शुरू करने में परेशानी आ सकती है। शिक्षकों का कहना है कि अभी कई स्थानों पर जनगणना से जुड़े जरूरी काम भी पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में 16 जून से 20 जून के बीच स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई कैसे संचालित होगी, इसे लेकर चिंता बनी हुई है।
स्थानांतरण प्रक्रिया भी चल रही
इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विशेष आवश्यकता वाले शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया भी जारी है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 20 जून निर्धारित की गई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाएं आमतौर पर अवकाश अवधि में पूरी की जाती हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े। उनका तर्क है कि एक साथ जनगणना ड्यूटी और स्थानांतरण प्रक्रिया चलने से विद्यालयों की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
विभाग के फैसले का इंतजार
फिलहाल स्कूल खोलने की तैयारी जारी है और विभाग ने 16 जून से कक्षाएं शुरू करने की योजना बनाई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या शिक्षकों की मांग को देखते हुए अवकाश बढ़ाने पर कोई निर्णय लिया जाता है या फिर तय समय पर ही विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होगी। बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता और स्कूलों में नियमित कक्षाओं का संचालन सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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