सरकार की योजना के अनुसार सितंबर 2026 से नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकें।
अगस्त तक तैयार होगा विशेष पोर्टल
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए तैयार किए जा रहे विशेष पोर्टल को अगस्त 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पोर्टल के जरिए कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। इस सिंगल विंडो सिस्टम में कर्मचारियों की जानकारी, नई भर्तियों की प्रक्रिया, मानदेय की दरें और मिलने वाली सुविधाओं का विवरण दर्ज होगा। इससे आउटसोर्स व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
चार श्रेणियों में तय होगा मानदेय
नई व्यवस्था में कर्मचारियों के लिए मानदेय की अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं। इसके तहत योग्यता, जिम्मेदारी और कार्य के आधार पर भुगतान किया जाएगा। श्रेणी 1 के लिए 40,000 रुपये प्रति माह, श्रेणी 2 के लिए 25,000 रुपये प्रति माह, श्रेणी 3 के लिए 22,000 रुपये प्रति माह, जबकि श्रेणी 4 के लिए 20,000 रुपये प्रति माह। इस बदलाव से बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
EPF और ESI जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी
सरकार की नई योजना में केवल मानदेय बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की भी तैयारी है। इसके तहत कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य की सुरक्षा और बेहतर कार्य व्यवस्था मिल सकेगी।
व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को तकनीक आधारित और कर्मचारी हित में बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि भर्ती, भुगतान और कर्मचारियों से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आए। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय से चली आ रही कई समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment