बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, तैयारी शुरू

पटना। बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव को समय पर कराने की रणनीति पर काम कर रहा है। संभावना है कि पंचायत चुनाव अक्टूबर से नवंबर 2026 के बीच कराए जा सकते हैं। वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है, ऐसे में उससे पहले नई पंचायत सरकार के गठन की तैयारी की जा रही है।

अक्टूबर-नवंबर में चुनाव कराने की तैयारी

राज्य निर्वाचन आयोग की योजना है कि चुनाव प्रक्रिया समय रहते पूरी कर ली जाए। सुरक्षा बलों की उपलब्धता को देखते हुए पंचायत चुनाव को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कराने की तैयारी चल रही है। इससे चुनावी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। आयोग अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर 2026 के शुरुआती दिनों में चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। इससे पहले आरक्षण सूची, परिसीमन और अन्य प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नौ चरणों में हो सकता है पंचायत चुनाव

इस बार पंचायत चुनाव कई चरणों में आयोजित किए जाने की संभावना है। सीमित संख्या में उपलब्ध ईवीएम के कारण मतदान को करीब नौ चरणों में बांटा जा सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के पास लगभग 32 हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन उपलब्ध हैं। इन मशीनों का इस्तेमाल अलग-अलग चरणों में रोटेशन के आधार पर किया जाएगा। मतदान के बाद ईवीएम के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सिक्योर डिटैचेबल मेमोरी मॉड्यूल (SDMM) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण

पंचायत चुनाव 2026 में सीटों का आरक्षण और परिसीमन फिलहाल वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाएगा। नई जनगणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण पुराने आंकड़ों को ही आधार बनाया जाएगा। वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद स्तर तक सीटों का आरक्षण जनसंख्या अनुपात के अनुसार लागू किया जाएगा। आरक्षण रोस्टर तैयार करने से पहले दावे और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा।

4 हजार से ज्यादा पंचायतों में बदल सकता है आरक्षण

इस चुनाव में आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रोटेशन प्रणाली के तहत कई पंचायतों और वार्डों की आरक्षित श्रेणी बदल सकती है। करीब चार हजार से अधिक पंचायतों और लगभग 55 हजार वार्डों में आरक्षण की स्थिति में बदलाव की संभावना है। जिन सीटों पर पिछले चुनाव में किसी खास वर्ग के लिए आरक्षण था, वे इस बार दूसरे वर्ग या सामान्य श्रेणी में जा सकती हैं। बिहार में वर्तमान समय में 8053 ग्राम पंचायतें, 533 पंचायत समितियां और 38 जिला परिषद कार्यरत हैं।

इस बार पंचायत चुनाव में तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल

पंचायत चुनाव 2026 को पहले से ज्यादा हाईटेक बनाने की तैयारी है। मल्टी-पोस्ट ईवीएम के जरिए मतदाता एक ही बूथ पर अलग-अलग पदों के लिए मतदान कर सकेंगे। फर्जी मतदान रोकने के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें मतदाताओं की पहचान के लिए अंगूठे के निशान और आंखों की पहचान जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

बिहार पंचायत चुनाव में डिजिटल होगा नामांकन और प्रबंधन

उम्मीदवारों के नामांकन, दस्तावेज जांच, शपथ पत्र और मतदाता संबंधी जानकारी के लिए ऑनलाइन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। डिजिटल पोर्टल के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की तैयारी है।  बिहार पंचायत चुनाव 2026 में जहां एक ओर राजनीतिक समीकरण बदलेंगे, वहीं दूसरी ओर नई तकनीक और बदले हुए आरक्षण नियम चुनाव को पहले से अलग बना सकते हैं।

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