बीमारी, हादसे और प्राकृतिक आपदा पर मिलेगा बीमा
नई योजना के तहत यदि किसी बीमित पशु की महामारी, गंभीर बीमारी, दुर्घटना या दैवीय आपदा के कारण मृत्यु होती है, तो पशुपालक को बीमा का लाभ मिलेगा। सरकार ने बीमा दावा मिलने की प्रक्रिया को भी तेज बनाने का निर्णय लिया है। दावा स्वीकृत होने के बाद एक महीने के भीतर मुआवजा देने का लक्ष्य रखा गया है।
पशुओं की तय की गई बीमा राशि
सरकार ने विभिन्न पशुओं के लिए बीमा मूल्य भी निर्धारित किया है, ताकि नुकसान की स्थिति में तय मानकों के अनुसार मुआवजा मिल सके।
मुर्रा भैंस - ₹75,000
साहीवाल गाय - ₹65,000
गंगातीरी नस्ल की गाय - ₹60,000
विदेशी, हरियाणवी व अन्य दुधारू गायें - ₹50,000 तक
घोड़ा - ₹60,000
बैल - ₹40,000
खच्चर और गधा - ₹20,000
भेड़ और बकरी - ₹6,500 प्रति पशु
प्रीमियम का बोझ सरकार उठाएगी
योजना के तहत बीमा प्रीमियम का अधिकांश हिस्सा सरकार वहन करेगी। कुल प्रीमियम में 51 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार, 34 प्रतिशत उत्तर प्रदेश सरकार और 15 प्रतिशत योगदान पशुपालक को देना होगा। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ काफी कम रहेगा और अधिक से अधिक लोग अपने पशुओं का बीमा करा सकेंगे।
पशुपालकों को मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच
प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान अपनी आय के लिए पशुपालन पर निर्भर हैं। किसी दुधारू पशु की अचानक मृत्यु होने से परिवार की आय पर सीधा असर पड़ता है। नई बीमा योजना ऐसे नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगी और पशुपालकों को आर्थिक संकट से बचाने का काम करेगी।

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