पंचायतों के लिए 14,988.50 करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य वित्त आयोग के माध्यम से ₹14,988.50 करोड़ की राशि तीनों स्तर की पंचायतों ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए निर्धारित की गई है। सरकार का उद्देश्य इस राशि के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है।
10 प्रतिशत राशि प्रशासनिक कार्यों पर होगी खर्च
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, कुल आवंटित राशि का 10 प्रतिशत, यानी लगभग ₹1,498 करोड़, पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय, बैठक भत्ता, पंचायत कर्मचारियों के वेतन, तकनीकी सेवाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं पर खर्च किया जाएगा। इससे पंचायतों के नियमित कार्यों के संचालन में वित्तीय बाधा नहीं आएगी।
ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों को लाभ
इस राशि में से लगभग ₹495.89 करोड़ ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय, बैठक भत्ता और संबंधित भुगतान पर खर्च किए जाएंगे। इससे पंचायत प्रतिनिधियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण प्रशासन को मजबूती मिलेगी।
स्वच्छ भारत और तकनीकी व्यवस्था पर खर्च
सरकार ने करीब ₹157.38 करोड़ की राशि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और वित्त आयोग के तहत गठित वित्त प्रकोष्ठ के संचालन के लिए निर्धारित की है। इस धनराशि का उपयोग राज्य, मंडल, जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय, तकनीकी सहायता, प्रशासनिक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक कार्यों पर किया जाएगा।
पंचायतों के विकास कार्यों को रफ्तार
सरकार का मानना है कि वित्तीय संसाधनों की बेहतर उपलब्धता से पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी आएगी। समय पर मानदेय और प्रशासनिक खर्च उपलब्ध होने से ग्राम पंचायतें विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी।

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