यूपी के किसानों के लिए अहम खबर! सरकार की नई तैयारी, अब आसान होगा योजनाओं का लाभ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार कृषि सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में किसानों के लिए 12 अंकों की यूनिक Farmer ID (किसान रजिस्ट्री) तैयार की जा रही है। आने वाले समय में खाद, बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी खरीद और अन्य कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह आईडी जरूरी होगी।

Farmer ID के जरिए प्रत्येक किसान का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें किसान का नाम, भूमि का विवरण, खतौनी, खसरा, खेती का क्षेत्र और बोई गई फसल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहेंगी। इससे सरकारी विभागों को किसानों का सत्यापन करने में आसानी होगी और अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता भी कम होगी।

खाद और बीज वितरण होगा अधिक पारदर्शी

सरकार का मानना है कि Farmer ID लागू होने के बाद उर्वरकों और कृषि सामग्री के वितरण में पारदर्शिता आएगी। किसान जब खाद या अन्य कृषि सामग्री लेने जाएंगे, तो उनकी आईडी के आधार पर उपलब्ध भूमि और खेती की जानकारी सिस्टम में दिखाई देगी। इससे जरूरत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकेंगे और जमाखोरी तथा कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सरकारी खरीद की प्रक्रिया होगी आसान

धान, गेहूं और अन्य फसलों की सरकारी खरीद के लिए किसानों को हर सीजन अलग से पंजीकरण कराना पड़ता है। Farmer ID लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। एक बार आईडी बनने के बाद किसान की आवश्यक जानकारी सिस्टम में उपलब्ध रहेगी, जिससे बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इन योजनाओं में होगी अनिवार्य

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कई प्रमुख कृषि योजनाओं के लिए Farmer ID अनिवार्य होगी। इनमें शामिल हैं पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), खाद और बीज पर मिलने वाली सब्सिडी, कृषि ऋण और कर्ज माफी योजनाएं, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और गन्ना विकास विभाग की योजनाएं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी लाभार्थियों का चयन इसी डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर किया जाए।

Farmer ID कैसे बनवाएं?

किसान ऑनलाइन माध्यम से upagripardarshi.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), कृषि विभाग के कार्यालय या संबंधित लेखपाल की सहायता से भी किसान रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

यदि किसान के भूमि रिकॉर्ड, खतौनी या खसरा नंबर में कोई त्रुटि है, तो पहले उसे राजस्व विभाग के माध्यम से ठीक कराना जरूरी होगा। सही रिकॉर्ड होने पर Farmer ID बनने की प्रक्रिया अधिक आसान हो जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि Farmer ID बनवाने के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है।

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