तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तेजी से काम
सरकार जिन प्रमुख परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है, उनमें मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन तीनों परियोजनाओं के लिए संबंधित जिलों के प्रशासन को भूमि सत्यापन और अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
1 .मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे से पश्चिमी यूपी को मिलेगा फायदा
प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के करीब 185 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए लगभग 2,000 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। खास बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सफर पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
2 .विंध्य एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
करीब 330 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों को जोड़ेगा। यह मार्ग लगभग 341 गांवों से होकर गुजरेगा और इसके निर्माण के लिए करीब 4,600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
3 .विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से पूर्वी यूपी को मिलेगी नई रफ्तार
लगभग 130 किलोमीटर लंबा विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। यह गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी और मिर्जापुर के करीब 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए लगभग 2,800 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। इसके पूरा होने के बाद पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है।

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