15 जहाज सुरक्षित भारत की ओर बढ़े
सरकार के अनुसार उर्वरक और कच्चा माल लेकर आने वाले 15 जहाज सुरक्षित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इनमें यूरिया, डीएपी और सल्फर जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक तथा कच्चा माल शामिल है। इन जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने के बाद देश के उर्वरक भंडार में और बढ़ोतरी होगी।
इनमें शामिल प्रमुख खेप इस प्रकार है। 8 जहाजों से लगभग 3.32 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4 जहाजों से करीब 2.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 3 जहाजों से लगभग 1.11 लाख मीट्रिक टन सल्फर। इसके अलावा 5 अन्य जहाज भी भारत के लिए निर्धारित हैं, जिनमें अमोनिया, यूरिया और सल्फर की अतिरिक्त खेप भेजी जा रही है।
कई देशों से बढ़ाई गई आपूर्ति
उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए भारत ने कई देशों के साथ आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की है। यूरिया की आपूर्ति के लिए ओमान, मलेशिया, वियतनाम, रूस, नाइजीरिया, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की, फिनलैंड, जॉर्जिया और नीदरलैंड सहित अनेक देशों से व्यवस्था की गई है।
वहीं डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति रूस, मोरक्को, जॉर्डन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया, मिस्र और सऊदी अरब जैसे देशों से सुनिश्चित की गई है। विदेशों में स्थित 28 भारतीय मिशनों ने भी आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घरेलू उत्पादन में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सरकार ने बताया कि उर्वरक संयंत्रों के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति अब पूरी क्षमता से बहाल कर दी गई है। इसके चलते देश के सभी यूरिया संयंत्र पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कर रहे हैं।
किसानों के लिए पर्याप्त खाद का भंडार
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार देश की वार्षिक अनुमानित आवश्यकता 383.90 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की है। इसके मुकाबले फिलहाल 197.56 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है, जो कुल वार्षिक आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है। इससे खरीफ और आगामी कृषि सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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