बिहार में बन रहा सुपर एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के कई जिलों के विकास की तस्वीर बदल सकती है। खासतौर पर बेगूसराय के शाम्हो दियारा क्षेत्र के लोगों को इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज

परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन ने जमीन से जुड़ी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। प्रस्तावित पुल और एप्रोच रोड के दायरे में आने वाली सरकारी और निजी जमीन का पूरा रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। संबंधित अंचल कार्यालयों को भूमि का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया बिना किसी देरी के आगे बढ़ सके।

गंगा और क्यूल नदी पर आधुनिक पुल

इस एक्सप्रेसवे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गंगा और क्यूल नदी पर बनने वाला लंबा पुल होगा। योजना के अनुसार यह मार्ग बेगूसराय में एनएच-31 को पार करते हुए आगे सूर्यगढ़ा-मुंगेर मार्ग (एनएच-80) से जुड़ेगा। पुल के साथ शाम्हो क्षेत्र के लिए अलग एप्रोच रोड भी तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी।

शाम्हो दियारा के लोगों को सीधा लाभ

अब तक शाम्हो दियारा क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद यात्रा का समय कम होगा और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कार्य भी आसान हो जाएंगे।

व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से माल परिवहन तेज होगा, जिससे कृषि उत्पादों और अन्य वस्तुओं की आवाजाही आसान होगी। उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे बनने से निवेश के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए विकल्प भी विकसित हो सकते हैं।

719 किलोमीटर लंबी होगी परियोजना

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 719 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस मेगा परियोजना की अनुमानित लागत करीब 60 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह एक्सप्रेसवे छह राज्यों से होकर गुजरेगा और बिहार इसका प्रमुख हिस्सा होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट को मंजूरी दे चुका है।

2028 तक एक्सप्रेस-वे पूरा करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करना है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर समय-सीमा में बदलाव संभव है। परियोजना पूरी होने के बाद बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और राज्य के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

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