हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि नीचे दिए गए सभी बिंदु कर्मचारी संगठनों के सुझाव और मांगें हैं। केंद्र सरकार या 8वें वेतन आयोग ने अभी इनमें से किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है।
1. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.93 रखने का प्रस्ताव दिया है। यदि भविष्य में इस पर सहमति बनती है तो कर्मचारियों के मूल वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव हो सकती है।
2. न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव
कुछ कर्मचारी संगठनों ने तकनीकी कर्मचारियों, विशेषकर जूनियर इंजीनियरों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग रखी है। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए वर्तमान वेतन संरचना में संशोधन आवश्यक है।
3. वेतन वृद्धि 3% से बढ़ाकर 6% की मांग
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि 3 प्रतिशत की दर से मिलती है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है ताकि महंगाई के अनुरूप आय में बेहतर वृद्धि हो सके।
4. अतिरिक्त योग्यता पर विशेष भत्ता
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि जिन कर्मचारियों ने सेवा के दौरान अतिरिक्त तकनीकी या शैक्षणिक योग्यता हासिल की है, उन्हें 10 प्रतिशत तक विशेष भत्ता दिया जाए।
5. HRA में संशोधन का सुझाव
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी नए प्रस्ताव सामने आए हैं। कर्मचारी संगठनों ने शहरों की श्रेणी के अनुसार X श्रेणी - 45%, Y श्रेणी - 40%, Z श्रेणी - 35% तक HRA निर्धारित करने की मांग की है।
6. मकान और वाहन खरीदने के लिए अधिक एडवांस
कर्मचारी संगठनों ने सरकारी कर्मचारियों को आवास निर्माण या घर खरीदने के लिए 2 करोड़ रुपये तक एडवांस और वाहन खरीदने के लिए 15 लाख रुपये तक अग्रिम राशि देने का सुझाव दिया है।
7. छुट्टियों में बदलाव की मांग
लीव पॉलिसी में भी कई बदलाव सुझाए गए हैं। इनमें आकस्मिक अवकाश 15 दिन करने, अर्जित अवकाश की सीमा 300 से बढ़ाकर 600 दिन करने, 45 दिन के पितृत्व अवकाश का प्रावधान जैसी मांगें शामिल हैं।
8. सेवा के दौरान निधन पर अनुग्रह राशि बढ़ाने का प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया है।
9. प्रमोशन और ग्रेच्युटी पर भी सुझाव
संगठनों ने कर्मचारियों को 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग रखी है। इसके अलावा अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने का भी प्रस्ताव दिया गया है।
10. अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी रखीं अपनी मांगें
विभिन्न लेखा सेवा संगठनों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने भी वेतनमान में विसंगतियां दूर करने, सेवा शर्तों में सुधार और भत्तों में संशोधन की मांग आयोग के समक्ष रखी है। कई संगठनों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था, वेतन संरचना और पदानुक्रम से जुड़े मुद्दों पर भी अपने सुझाव दिए हैं।
अभी नहीं हुआ कोई अंतिम फैसला
8वें वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न कर्मचारी संगठनों, विभागों और विशेषज्ञों से सुझाव एकत्र कर रहा है। इन प्रस्तावों पर चर्चा और समीक्षा के बाद ही आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा, जिन्हें बाद में केंद्र सरकार के समक्ष भेजा जाएगा।

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