30 की उम्र के बाद पुरुष रोज खाएं ये 5 चीजें, नहीं होगी Vitamin D और B12 की कमी

Health News: 30 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों में बदलाव आने लगता है। इस दौरान कई पुरुषों में विटामिन D और विटामिन B12 की कमी देखने को मिलती है। इन दोनों विटामिनों की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, शरीर में थकान बनी रह सकती है, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और नसों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में संतुलित आहार अपनाकर इन पोषक तत्वों की जरूरत को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

1. अंडे को बनाएं डाइट का हिस्सा

अंडा प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन B12 का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके अलावा इसमें कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो मांसपेशियों और शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। यदि किसी को अंडे से एलर्जी नहीं है, तो सीमित मात्रा में इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है।

2. दूध, दही और पनीर

दूध और उससे बने उत्पाद कैल्शियम के साथ विटामिन B12 का अच्छा स्रोत हैं। कई फोर्टिफाइड डेयरी उत्पादों में विटामिन D भी मिलाया जाता है। नियमित रूप से दूध, दही या पनीर का सेवन हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में सहायक हो सकता है।

3. वसायुक्त मछली

सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी वसायुक्त मछलियां विटामिन D और विटामिन B12 दोनों से भरपूर होती हैं। इनके सेवन से हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ हृदय को भी लाभ मिल सकता है। जो लोग मछली खाते हैं, वे इसे सप्ताह में एक या दो बार अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

4. मशरूम

मशरूम विटामिन D का एक अच्छा खाद्य स्रोत माना जाता है, खासकर वे किस्में जिन्हें नियंत्रित तरीके से पराबैंगनी (UV) प्रकाश में उगाया गया हो। इसे सब्जी, सूप या सलाद के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

5. फोर्टिफाइड अनाज और सोया उत्पाद

जो लोग शाकाहारी हैं, उनके लिए विटामिन B12 प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में फोर्टिफाइड अनाज, ओट्स, सोया दूध और अन्य फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। खरीदते समय उत्पाद के पोषण लेबल की जांच करना बेहतर रहता है।

धूप भी है जरूरी

विटामिन D का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत धूप है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह की हल्की धूप में कुछ समय बिताने से शरीर को विटामिन D बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, इसकी अवधि व्यक्ति की त्वचा, मौसम और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि लगातार थकान, मांसपेशियों में दर्द, हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी या बार-बार हड्डियों में दर्द महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन D और B12 की जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।

0 comments:

Post a Comment