15 से 18 जुलाई के बीच जारी होंगे नियुक्ति पत्र
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, जिला स्तर पर 15 से 18 जुलाई के बीच पात्र शिक्षकों को औपबंधिक नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यालय पदस्थापन पत्र और योगदान पत्र भी दिए जाएंगे, ताकि नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
वर्तमान विद्यालय में ही होगी तैनाती
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्थानीय निकाय शिक्षकों ने तृतीय या चतुर्थ सक्षमता परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है और जिनकी काउंसिलिंग 26 मई 2026 तक पूरी हो चुकी है, उन्हें विशिष्ट शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों की पदस्थापना उसी विद्यालय में की जाएगी, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। इससे उन्हें नए स्थान पर स्थानांतरण की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा।
20 से 25 जुलाई के बीच देना होगा योगदान
औपबंधिक नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सभी चयनित शिक्षकों को 20 से 25 जुलाई के बीच अपने संबंधित विद्यालय में विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान देना होगा। विभाग ने सभी जिलों को यह प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
योगदान के साथ ही बदलेगा सेवा दर्जा
शिक्षा विभाग के अनुसार, जिस दिन शिक्षक विशिष्ट शिक्षक के रूप में विद्यालय में योगदान देंगे, उसी दिन से उनका नया सेवा दर्जा प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही वे स्थानीय निकाय शिक्षक के पद से स्वतः विरमित माने जाएंगे और आधिकारिक रूप से विशिष्ट शिक्षक की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे।
नए पद के अनुसार मिलेगा वेतन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योगदान की तिथि से ही शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक के पद के अनुरूप वेतन और अन्य सेवा लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे। इससे लंबे समय से नई नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार कर रहे शिक्षकों को आर्थिक और सेवा संबंधी लाभ मिल सकेगा।
शिक्षकों के लिए राहत भरा फैसला
शिक्षा विभाग की इस पहल से हजारों शिक्षकों को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। समयबद्ध तरीके से नियुक्ति पत्र जारी होने और उसी विद्यालय में पदस्थापना मिलने से शिक्षकों को प्रशासनिक परेशानियों का सामना भी कम करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस निर्णय से राज्य की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा।

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