बिहार में शिक्षकों और पेंशनभोगियों को राहत, जल्द मिलेगा वेतन!

पटना: बिहार के विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से लंबित वेतन, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में तेजी लाने के लिए राजभवन ने विशेष पहल की है। राज्यपाल सचिवालय के निर्देश पर पहली बार विशेष शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां वेतन और पेंशन से जुड़े मामलों का मौके पर समाधान करने का प्रयास होगा।

27 और 28 जुलाई को लगेगा विशेष शिविर

कुलाधिपति के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के निर्देश के अनुसार 27 और 28 जुलाई को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) मुख्यालय में विशेष शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों की लंबित शिकायतों का तेजी से निपटारा करना है।

20 जुलाई तक भुगतान पूरी करने का निर्देश

राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है कि 30 जून 2026 तक के चालू और बकाया वेतन तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन और अन्य सेवा लाभों की स्वीकृति हर हाल में 20 जुलाई तक सुनिश्चित की जाए। बताया गया है कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान में देरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

शिकायत दर्ज कराने के कई विकल्प

विशेष शिविर के दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्तीय सलाहकार और वित्त पदाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे। यदि कोई शिक्षक, कर्मचारी या पेंशनभोगी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकता है, तो वह ई-मेल, डाक या अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा।

14 अगस्त तक निपटारे का लक्ष्य

राजभवन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिविर और अन्य माध्यमों से प्राप्त सभी शिकायतों का 14 अगस्त तक निपटारा किया जाए। इसके बाद पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट 21 अगस्त तक राजभवन को भेजनी होगी, ताकि लंबित मामलों की समीक्षा की जा सके।

लंबित मामलों पर भी कार्रवाई

कई मामलों में वेतन सत्यापन (पे-वेरिफिकेशन) लंबित रहने के कारण भुगतान अटका हुआ है। इसे देखते हुए संबंधित अधिकारियों को 20 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इससे वेतन निर्धारण और पेंशन से जुड़े कई मामलों के जल्द निपटने की उम्मीद है।

परेशानी होगी दूर

विश्वविद्यालयों में वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े सैकड़ों मामले लंबे समय से लंबित हैं। कई शिक्षक और पेंशनभोगी अपने वैध भुगतान के लिए लगातार विश्वविद्यालय और विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ मामलों में वेतन निर्धारण की विसंगतियों को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंच चुका है, जहां अदालत ने ब्याज सहित भुगतान करने के निर्देश भी दिए हैं।

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