बिहार सरकार का बड़ा कदम, श्रमिकों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के लाखों श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी छोटे और बड़े कारखानों के लिए नए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। श्रम संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब प्रत्येक पंजीकृत कारखाने में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि कामगारों को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके और दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित राहत सुनिश्चित हो।

हर कारखाने में बनेगा आपदा सुरक्षा सेल

नई व्यवस्था के तहत राज्य के सभी कारखानों में आपदा सुरक्षा सेल का गठन किया जाएगा। इस सेल में ऐसे श्रमिकों को शामिल किया जाएगा जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का जिम्मा आपदा प्रबंधन विभाग संभालेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशिक्षित कर्मी तुरंत बचाव कार्य शुरू कर सकें और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

8,479 पंजीकृत कारखानों में लागू होंगे नियम

श्रम संसाधन विभाग के अनुसार बिहार में वर्तमान समय में 8,479 पंजीकृत कारखाने संचालित हैं, जिनमें लगभग 2 से 3 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। सरकार ने सभी इकाइयों को निर्देश दिया है कि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

नियमित निरीक्षण और ऑनलाइन रिपोर्टिंग होगी

अब प्रत्येक कारखाने का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट में सुरक्षा सेल के सदस्यों के हस्ताक्षर भी शामिल किए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

रात में कारखानों में नहीं रुकेंगे श्रमिक,  मॉक ड्रिल

सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कारखाना बंद होने के बाद किसी भी श्रमिक को परिसर के भीतर रुकने या सोने की अनुमति नहीं होगी। कारखानों में अब समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिकों को आग, रासायनिक रिसाव, मशीन दुर्घटना और अन्य आपात परिस्थितियों से बचाव के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।

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