बिहार में किसानों के लिए बड़ा फैसला, 1 सितंबर से 19 जिलों में लागू

पटना। बिहार के किसानों के लिए खाद खरीद को लेकर अहम बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार उर्वरक की बिक्री और वितरण व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए FSAS यानी Fertilizer Sale Application System लागू करने की तैयारी कर रही है। दूसरे चरण में इसे 1 सितंबर 2026 से 19 जिलों में शुरू किया जाएगा।

इन 19 जिलों में लागू होगा FSAS

नई व्यवस्था के दूसरे चरण में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सारण, सिवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और भागलपुर को शामिल किया गया है। इससे इन जिलों के किसानों की खाद खरीद प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम से जुड़ जाएगी।

खाद खरीद में बढ़ेगी पारदर्शिता

FSAS को IFMS और AgriStack से जोड़कर उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य खाद की बिक्री पर बेहतर निगरानी रखना और किसानों तक उर्वरक की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाना है।

विक्रेताओं को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

नई व्यवस्था लागू करने से पहले अधिकारियों, कर्मचारियों और खाद विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 25 अगस्त से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रेनिंग शुरू करने की योजना है। जिलों में मास्टर ट्रेनर भी तैयार किए जाएंगे, जो आगे संबंधित लोगों को सिस्टम की जानकारी देंगे।

हेल्प डेस्क और POS मशीनें होंगी अपडेट

किसानों और दुकानदारों को तकनीकी दिक्कत न हो, इसके लिए हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया गया है। खाद दुकानों पर इस्तेमाल होने वाली POS मशीनों को भी नई व्यवस्था के अनुसार अपडेट कराया जाएगा। इसके अलावा फार्मर रजिष्टर को पूरा करने और जरूरी डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया है।

सरकार के इस कदम से किसानों को क्या फायदा?

नई डिजिटल व्यवस्था से खाद बिक्री की निगरानी बेहतर होने और वितरण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। इससे उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।

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