ड्यूरम गेहूं के निर्यात का रास्ता साफ
सरकार के फैसले के बाद ड्यूरम गेहूं समेत निर्धारित श्रेणी के गेहूं का विदेशों में निर्यात किया जा सकेगा। इससे किसानों और गेहूं कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद है। मांग बढ़ने पर किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने का फायदा भी मिल सकता है।
आटा और मैदा भी भेज सकेंगे विदेश
गेहूं के आटे और मैदा के निर्यात पर भी अब रोक नहीं रहेगी। सरकार ने संबंधित उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव करते हुए उन्हें फ्री श्रेणी में डाल दिया है। इससे आटा उद्योग और गेहूं से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रवा और होलमील आटा भी दायरे में
नए फैसले में केवल सामान्य आटा और मैदा ही नहीं, बल्कि रवा, होलमील आटा और रिजल्टेंट आटा जैसे उत्पादों को भी शामिल किया गया है। यानी इन उत्पादों के लिए भी विदेशी बाजारों में कारोबार का रास्ता खुल गया है। यह बदलाव वाणिज्य मंत्रालय के तहत डीजीएफटी की ओर से जारी दो अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए किया गया है। निर्यात नीति में बदलाव से किसानों, आटा मिलों और संबंधित कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

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