बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! जमीन के नीचे मिला खनिजों का भंडार

पटना। बिहार अब केवल बालू और छोटे खनिजों के खनन तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य में मौजूद बड़े खनिज संसाधनों को जमीन से निकालने और उनका व्यावसायिक उपयोग बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार ने केंद्र से मिले बड़े खनिज ब्लॉकों की नीलामी का कार्यक्रम तैयार कर लिया है।

जमुई और बांका में खनिजों का खजाना

पहले चरण में जमुई और बांका के दो खनिज ब्लॉक ई-नीलामी के लिए रखे जाएंगे। जमुई के मजोस-भंटा क्षेत्र में मैग्नेटाइट की संभावनाएं हैं, जबकि बांका के पिंडारा ब्लॉक में कॉपर, लेड और जिंक के भंडार को लेकर उम्मीद है। इन खनिजों के दोहन से बिहार में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

10 सितंबर से शुरू होगी नीलामी प्रक्रिया

दोनों ब्लॉकों के लिए नीलामी प्रक्रिया 10 सितंबर से शुरू होगी। इसी दिन टेंडर दस्तावेज जारी किए जाएंगे और इच्छुक कंपनियां स्थल भ्रमण के लिए पंजीकरण करा सकेंगी। 30 सितंबर को प्री-बिड मीटिंग और स्थल भ्रमण होगा। कंपनियों को 21 अक्टूबर तक तकनीकी और वित्तीय बोली जमा करनी होगी, जबकि 12 नवंबर को ई-नीलामी प्रस्तावित है।

निवेशकों को मिलेगी सरकारी मदद

सरकार खनन शुरू करने से पहले होने वाली प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी काम कर रही है। सफल बोलीदाताओं को वन क्षेत्र, पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों, जमीन और जरूरी आधारभूत सुविधाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में विभागीय सहयोग दिया जाएगा।

मैग्नेटाइट से लौह और स्टील उद्योग को कच्चा माल मिल सकता है। वहीं कॉपर बिजली और दूसरे उद्योगों में, लेड बैटरी समेत कई औद्योगिक कार्यों में और जिंक मुख्य रूप से स्टील को जंग से बचाने में उपयोग होता है। ऐसे में इन खनिज ब्लॉकों की नीलामी बिहार के लिए सिर्फ खनन नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों की शुरुआत भी साबित हो सकती है।

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