योगी या अखिलेश? यूपी में किसकी बनेगी सरकार, ताजा सर्वे ने चौंकाया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और दूसरे राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ता पक्ष जहां एक बार फिर सरकार बनाने का दावा कर रहा है, वहीं विपक्ष भाजपा को सत्ता से हटाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी बीच वोट वाइब' ने यूपी के लोगों के सामने कुछ प्रश्न रखकर अपना सर्वे किया है।

सर्वे में लोगों से उनकी पसंद, मुख्यमंत्री पद के दावेदार और 2027 के चुनाव में संभावित वोटिंग को लेकर सवाल पूछे गए। आंकड़ों में भाजपा गठबंधन फिलहाल सपा गठबंधन से आगे दिखाई दे रहा है, हालांकि दोनों के बीच अंतर बहुत बड़ा नहीं है।

ज्यादातर मतदाताओं ने तय कर लिया मन

सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि क्या उन्होंने आगामी चुनाव में अपना वोट तय कर लिया है, तो करीब 64.4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका फैसला पूरी तरह हो चुका है। वहीं 19 प्रतिशत मतदाताओं ने बताया कि उन्होंने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। करीब 8.7 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने फिलहाल किसी के पक्ष में फैसला नहीं किया है। वहीं लगभग 8 प्रतिशत मतदाता ऐसे रहे जिन्होंने इस सवाल पर अपनी राय जाहिर करने से इनकार किया।

मुख्यमंत्री की पसंद में योगी आगे

मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर सर्वे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे आगे नजर आए। करीब 43.4 प्रतिशत लोगों ने उन्हें अगली सरकार में मुख्यमंत्री के तौर पर देखना पसंद किया। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को 35.5 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। इस तरह दोनों प्रमुख चेहरों के बीच लगभग 8 प्रतिशत का अंतर दिखाई देता है।

बहुजन समाज पार्टी की मायावती को करीब 5.9 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पक्ष में करीब 3 प्रतिशत लोग दिखाई दिए। लगभग 6 प्रतिशत लोगों ने अन्य विकल्प चुना, जबकि 6.3 प्रतिशत मतदाता इस सवाल पर कुछ स्पष्ट नहीं बता सके।

वोट शेयर में भी भाजपा गठबंधन आगे

सर्वे के मुताबिक 2027 के चुनाव में संभावित वोट शेयर के मामले में भी भाजपा गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। आंकड़ों में भाजपा गठबंधन को 41.8 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसके मुकाबले सपा गठबंधन का संभावित वोट शेयर 38.7 प्रतिशत बताया गया है। यानी दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच करीब 3.1 प्रतिशत का अंतर नजर आ रहा है।

वहीं बसपा के खाते में 5.2 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान है। अन्य क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर करीब 4 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है। करीब 10.3 प्रतिशत मतदाता अभी अनिर्णीत बताए गए हैं या उन्होंने अपनी पसंद स्पष्ट नहीं की।

अभी लंबा है चुनावी सफर

हालांकि यह सर्वे चुनाव से काफी पहले की स्थिति को दर्शाता है। 2027 के विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक समीकरण कई बार बदल सकते हैं। गठबंधन, उम्मीदवारों का चयन, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अभियान मतदाताओं के रुख पर असर डाल सकते हैं।

फिलहाल सर्वे के आंकड़े यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि यूपी में मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है। मुख्यमंत्री की पसंद में योगी आदित्यनाथ आगे हैं, जबकि अखिलेश यादव भी मजबूत चुनौती पेश करते नजर आ रहे हैं। वोट शेयर के आंकड़ों में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त मिली है, लेकिन दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच अंतर इतना बड़ा नहीं है कि विपक्ष की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज किया जा सके।

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