हर ग्राम पंचायत में खुलेंगे कम से कम 2 केंद्र
नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाकों में हर ग्राम पंचायत में कम से कम दो जन सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक 10 हजार की आबादी पर एक केंद्र की व्यवस्था होगी। इन केंद्रों के जरिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। फिलहाल जन सेवा केंद्रों के माध्यम से 54 विभागों की 359 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डिजिटल सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार
परियोजना के तहत प्रत्येक जिले में दो जिला सेवा प्रदाताओं का चयन प्रतिस्पर्धात्मक ई-निविदा के जरिए किया जाएगा। ये एजेंसियां जिले में डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने और केंद्रों के संचालन की व्यवस्था संभालेंगी। हर ग्राम सचिवालय में पंचायत सहायक के माध्यम से जन सेवा केंद्र संचालित किया जाएगा। साथ ही लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल और जिला स्तर पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी होगी।
तीन साल की होगी परियोजना
सीएससी-4.0 परियोजना को पीपीपी मॉडल पर लागू किया जाएगा और इसकी शुरुआती अवधि तीन वर्ष रखी गई है। जरूरत पड़ने पर इसे अधिकतम दो साल तक आगे बढ़ाया जा सकता है।

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