1. हर श्रमिक को मिलेगा नियुक्ति पत्र
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों और श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना जरूरी होगा। इससे नौकरी की शर्तों और रोजगार से जुड़े अधिकारों का लिखित रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा हर साल नियोक्ता के खर्च पर श्रमिकों का मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण कराने का प्रावधान किया गया है।
2. कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं अनिवार्य
श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर पीने का पानी, शौचालय, स्नानघर, आराम करने की जगह, कैंटीन और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। काम के घंटे और विश्राम का समय भी निर्धारित नियमों के अनुसार तय किया जाएगा।
3. महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति से रात की शिफ्ट समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने की अनुमति होगी। हालांकि नियोक्ता को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
4. दुर्घटना होने पर तुरंत देनी होगी जानकारी
कार्यस्थल पर गंभीर हादसा या किसी तरह का व्यावसायिक खतरा सामने आने पर संबंधित अधिकारी को सूचना देना जरूरी होगा। नियोक्ता को जोखिम की पहचान, सुरक्षा उपकरण और दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने होंगे।
5. नियोक्ताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया आसान
नियोक्ताओं के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन के बजाय एकल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। ठेका और अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों समेत कुछ श्रेणियों के लिए एकीकृत लाइसेंस का प्रावधान होगा। इसके अलावा कई प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। पंजीकरण, रिकॉर्ड और रिटर्न दाखिल करने के साथ साइट प्लान और भवन से जुड़े कुछ अनुमोदनों के लिए भी डिजिटल सुविधा उपलब्ध होगी।

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