30 हजार से ज्यादा परिवारों को मिल चुका लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार ने 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 106.65 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
बेटी की शादी के लिए मिलते हैं 20 हजार रुपये
शादी अनुदान योजना के तहत पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक होनी चाहिए। इसके अलावा विवाह के समय लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होना जरूरी है।
इन परिवारों को मिल सकती है प्राथमिकता
योजना में पात्रता रखने वाले परिवारों में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। इससे आर्थिक रूप से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
96 हजार से ज्यादा आवेदन मिले
वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक योजना के तहत 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 12,855 आवेदन निरस्त किए गए हैं। विभाग पात्र आवेदनों की जांच और प्रक्रिया पूरी करने के बाद सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेज रहा है। सरकार का जोर इस बात पर है कि पात्र परिवारों को समय पर आर्थिक मदद मिले और पैसों की कमी बेटी के विवाह में बाधा न बने।
बेटियों के विवाह में आर्थिक सहारा
ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए शादी का खर्च उठाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में 20 हजार रुपये की सरकारी सहायता भले ही सीमित हो, लेकिन जरूरतमंद परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक सहारा बन सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर OBC परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक परेशानी कम हो और उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिल सके।

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