घर बनाने से लेकर किराये तक का विकल्प
PMAY-U 2.0 को चार प्रमुख हिस्सों में लागू किया गया है। जिन पात्र परिवारों के पास अपनी जमीन है, उन्हें घर बनाने के लिए केंद्रीय सहायता मिल सकती है। वहीं, सरकार और सार्वजनिक या निजी संस्थाओं की साझेदारी से किफायती मकानों का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों, कामकाजी महिलाओं और अन्य पात्र परिवारों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग की व्यवस्था का भी प्रावधान है।
होम लोन पर भी सब्सिडी
इस योजना के Interest Subsidy Scheme के तहत पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों को होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को ₹8 लाख तक के लोन हिस्से पर 4% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है और अधिकतम लाभ ₹1.80 लाख तक निर्धारित है।
किन परिवारों को मिल सकता है लाभ?
योजना में EWS, LIG और MIG श्रेणी के परिवारों को शामिल किया गया है। पात्रता के लिए परिवार के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल है। योजना में महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, SC/ST, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
ऐसे में जिन शहरी परिवारों के पास अभी अपना पक्का घर नहीं है, उनके लिए PMAY-U 2.0 के नियमों के तहत अपनी पात्रता जांचना उपयोगी रहेगा। योजना का लाभ राज्य और स्थानीय स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिलता है।

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