एक्सपोर्ट बढ़ा, व्यापार घाटा घटा
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट करीब 26.86 अरब डॉलर रहा। वहीं वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर कुल एक्सपोर्ट 82.68 अरब डॉलर और कुल इंपोर्ट 92.09 अरब डॉलर रहा। इससे कुल ट्रेड डेफिसिट करीब 9.41 अरब डॉलर पर आ गया।
कई सेक्टरों ने संभाली एक्सपोर्ट
भारत के निर्यात में इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पाद, केमिकल्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका है। सरकारी आंकड़ों में भी हाल के महीनों में इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान और केमिकल्स जैसे क्षेत्रों में मजबूत निर्यात दर्ज किया गया है।
सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं भारत
भारत के निर्यात बाजार में अमेरिका के साथ UAE, चीन, यूरोपीय देशों और अन्य एशियाई बाजारों की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड 863.1 अरब डॉलर तक पहुंचा था, जिसमें वस्तुओं के साथ सेवाओं का भी बड़ा योगदान रहा।
इस तरह अलग-अलग देशों और सेक्टरों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ना निर्यात को सहारा दे रहा है। हालांकि टैरिफ और वैश्विक व्यापार परिस्थितियों का असर आगे भी बना रह सकता है, इसलिए आने वाले महीनों के आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे।

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