बिहार के निजी कर्मचारियों को खुशखबरी, ₹25 हजार हुई वेतन सीमा

पटना। निजी नौकरी करने वाले उन कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने वाला है, जिनकी कमाई अब तक EPFO की अनिवार्य सीमा से अधिक होने के कारण कवरेज से बाहर रह जाती थी। केंद्र सरकार ने EPFO की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस बदलाव का असर बिहार के उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जो EPFO के दायरे वाली कंपनियों और संस्थानों में काम करते हैं। हालांकि, नई सीमा के आधार पर कवरेज का लाभ तभी मिलेगा जब कर्मचारी संबंधित नियमों के तहत पात्र होगा और उसका संस्थान EPFO व्यवस्था में आता होगा।

51 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा

सरकार के अनुमान के अनुसार सीमा बढ़ाए जाने से देशभर में 51 लाख से अधिक नए कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज में शामिल हो सकते हैं। इस विस्तार के लिए सालाना करीब ₹11,339 करोड़ अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है।

सिर्फ PF नहीं, पेंशन-बीमा से भी जुड़ा लाभ

EPFO में शामिल होने का मतलब केवल भविष्य निधि जमा होना नहीं है। इसके साथ कर्मचारी पेंशन और जमा लिंक्ड बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का संबंध भी होता है। इसलिए कवरेज का विस्तार कर्मचारियों को भविष्य के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध करा सकता है।

बिहार के कर्मचारियों को क्या करना होगा?

नई व्यवस्था लागू होने पर कर्मचारियों को अपने वेतन की संरचना और PF से जुड़ी जानकारी जांचनी चाहिए। साथ ही यह भी देखना जरूरी होगा कि उनका नियोक्ता EPFO के तहत पंजीकृत है या नहीं और वे संशोधित नियमों में पात्र हैं या नहीं।

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