यूपी सरकार का बड़ा कदम, गन्ना किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र से पहले व्यवस्था को आसान बनाने की तैयारी है। अब किसानों को अपनी गन्ना आपूर्ति और पर्चियों की जानकारी के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग ऑनलाइन माध्यम से किसान के रकबे, अनुमानित उत्पादन और संभावित पर्चियों का विवरण उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।

पहले दिखेगा प्री-कैलेंडर

चीनी मिलों के संचालन से पहले केनयूपी.इन पोर्टल पर अंतिम कैलेंडर जारी किया जाएगा। इससे पहले विभाग प्री-कैलेंडर तैयार कर किसानों के सामने रख रहा है। इसमें किसान के नाम दर्ज जमीन, अनुमानित गन्ना उत्पादन और संभावित आपूर्ति पर्चियों से संबंधित जानकारी देखी जा सकेगी।

गलती सुधारने का भी मौका

किसानों को अपने रिकॉर्ड की जांच करने का अवसर मिलेगा। यदि रकबे, उत्पादन अनुमान या पर्ची से संबंधित किसी जानकारी में त्रुटि दिखाई देती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसमें संशोधन कराया जा सकेगा। विभागीय स्तर पर सुधार के बाद अंतिम कैलेंडर तैयार किया जाएगा।

मोबाइल पर आएगा पर्ची का मैसेज

बता दें की रौजागांव चीनी मिल में पेराई सत्र 11 नवंबर के आसपास शुरू होने की संभावना है। पेराई शुरू होने से करीब 15 दिन पहले गन्ना आपूर्ति की पर्चियां जारी किए जाने की उम्मीद है। पर्ची जारी होते ही किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए सूचना भेजी जाएगी।

ऐप से घर बैठे देख सकेंगे जानकारी

किसान ई-गन्ना ऐप पर अपना कोड डालकर पर्चियों की संख्या और कैलेंडर की जानकारी देख सकेंगे। जिन किसानों को कोड याद नहीं है, वे नाम और गांव की जानकारी दर्ज करके भी अपना कैलेंडर तलाश सकते हैं। इस व्यवस्था से पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों को अपनी गन्ना आपूर्ति की योजना समझने और रिकॉर्ड में किसी कमी को समय रहते ठीक कराने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

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