गांवों तक पहुंचेगी टैक्सी सेवा
इस मॉडल को प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से गांवों तक ले जाने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में भी संगठित टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, अस्पताल, बाजार और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में आसानी हो सकती है।
नहीं लगेगा सर्ज चार्ज
भारत टैक्सी मॉडल में यात्रियों के लिए जीरो कमीशन और नो-सर्ज प्राइसिंग की व्यवस्था को खास महत्व दिया गया है। यानी अधिक मांग के समय किराये में अचानक बढ़ोतरी से यात्रियों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। इससे लोगों को पहले से तय और पारदर्शी किराये पर यात्रा का विकल्प मिल सकेगा।
ड्राइवरों को भी हिस्सा
इस व्यवस्था में वाहन चालकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में रखने के बजाय उन्हें सहकारी कारोबार में हिस्सेदार बनाने की योजना है। जीरो कमीशन मॉडल के जरिए चालक की कमाई में प्लेटफॉर्म कमीशन की कटौती से अलग व्यवस्था रखने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार की योजना सफल होने पर टैक्सी सेवा का दायरा बड़े शहरों से आगे बढ़कर प्रदेश के सभी 75 जिलों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच सकता है। इससे यात्रियों को परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
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