शिकायत से रिपोर्ट तक ऑनलाइन काम
नई व्यवस्था में जमीन बंटवारे से जुड़ा मामला ऑनलाइन दर्ज किया जा सकेगा। आवेदन मिलने के बाद लेखपाल और तहसीलदार की रिपोर्ट भी पोर्टल पर ही दर्ज होगी। इसके साथ मामले की निगरानी ऑनलाइन की जाएगी, जिससे आवेदक को यह जानकारी मिल सकेगी कि उसका प्रकरण किस स्तर पर है।
धारा 116 के मामलों पर फोकस
यह पोर्टल राजस्व अधिनियम की धारा 116 के तहत आने वाले जमीन बंटवारे के मामलों के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
GIS से मिलेगी जमीन की जानकारी
नई डिजिटल व्यवस्था में GIS तकनीक को भी जोड़ा गया है। भूमि रिकॉर्ड, खतौनी और नक्शे को तकनीकी माध्यम से आपस में जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। इससे जमीन की स्थिति और रिकॉर्ड को समझने में मदद मिल सकती है।
खतौनी में रकबे की सटीक जानकारी
सरलीकृत खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक दर्ज किया जाएगा। इससे खासकर छोटे भूखंडों के मामले में जमीन के वास्तविक रकबे की जानकारी अधिक स्पष्ट तरीके से मिल सकेगी। नई व्यवस्था से जमीन संबंधी कामों के लिए लोगों की सरकारी कार्यालयों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया गया है।

0 comments:
Post a Comment