31 हजार से ज्यादा पीआरडी जवानों को स्वास्थ्य कवर
पीआरडी स्वयंसेवक प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में प्रशासन का सहयोग करते हैं। सरकार के फैसले के बाद 31 हजार से अधिक स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को इलाज के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। पात्र लाभार्थी सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकेंगे। गंभीर बीमारी के समय इलाज के खर्च की चिंता कम करना इस सुविधा का अहम उद्देश्य है।
स्कूल रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को भी आर्थिक राहत दी गई है। उनके मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि की गई है। इतना ही नहीं, उन्हें परिवार सहित 5 लाख रुपये तक के सालाना कैशलेस चिकित्सा कवर से जोड़ने का फैसला भी किया गया है। इससे कम आय वाले परिवारों को बीमारी के दौरान अचानक होने वाले बड़े खर्च से राहत मिल सकती है।
आंगनवाड़ी कर्मियों की आय में भी इजाफा
बाल पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भी बदलाव किया गया है। कार्यकर्ताओं का मानदेय अब 8,000 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये प्रति माह और सहायिकाओं का 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये प्रति माह हो गया है। दोनों वर्गों के परिवारों के लिए भी 5 लाख रुपये तक की सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रावधान किया गया है।
कम आय वाले परिवारों के लिए दोहरी राहत
इन फैसलों का असर केवल मासिक आय बढ़ने तक सीमित नहीं है। मानदेय में बढ़ोतरी से रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, जबकि स्वास्थ्य कवर बीमारी के समय इलाज पर होने वाले भारी खर्च का बोझ घटा सकता है। खास तौर पर उन परिवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण है, जहां अचानक बीमारी आने पर इलाज का खर्च घरेलू बजट को प्रभावित कर देता है।

0 comments:
Post a Comment