1. नुकसान का पूरा आकलन, फिर मिलेगी मदद
बिहार के 15 जिलों में करीब 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। केंद्रीय टीम ने फसल, मकान, सड़क और दूसरी क्षतियों की जानकारी जुटाई है। राज्य सरकार से विस्तृत नुकसान की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र की ओर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
2. किसानों को खेती में मदद
बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के बाद आगे की खेती के लिए वैकल्पिक फसलों पर भी काम किया जाएगा। प्रभावित किसानों को जरूरत के अनुसार बीज उपलब्ध कराने में केंद्र सहयोग करेगा। इससे बाढ़ के बाद दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिल सकती है।
3. प्रभावित परिवारों को राहत
बिहार सरकार पहले ही बाढ़ प्रभावित 8.27 लाख परिवारों को करीब ₹579.23 करोड़ की सहायता DBT के जरिए भेज चुकी है। पात्र परिवारों को ₹7,000 की सहायता दी गई है।
घर और बुनियादी ढांचे का भी होगा आकलन
बाढ़ से जिन मकानों, सड़कों, पुल-पुलियों और पेयजल व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, उनका भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। जिन ग्रामीण परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता की प्रक्रिया भी नुकसान के आकलन के आधार पर आगे बढ़ाई जा सकती है।
केंद्र और राज्य की टीमें फिलहाल राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन पर काम कर रही हैं। बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी दीर्घकालिक उपायों पर जोर दिया जा रहा है।

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