कई परियोजनाओं में उत्पादन बहाल
अनपारा, हरदुआगंज और ओबरा की यूनिटों से करीब 1500 मेगावाट उत्पादन शुरू होने के बाद घाटमपुर और जवाहरपुर की एक-एक यूनिट ने भी बिजली देना शुरू कर दिया। शुक्रवार को घाटमपुर की एक और यूनिट तथा रोजा की बंद यूनिट से उत्पादन शुरू होने पर उपलब्धता में लगभग 1000 मेगावाट और बढ़ने की उम्मीद है।
गांव-कस्बों में कटौती घटने के आसार
बिजली की स्थिति सुधरने का सीधा असर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों पर दिखाई देने लगा है। ऊर्जा विभाग के अनुसार उपलब्धता में और सुधार हुआ तो अगले एक-दो दिनों में रात के समय कटौती की जरूरत काफी कम हो सकती है। जहां फिलहाल रात में आपूर्ति घटाई जा रही है, वहां दिन में अतिरिक्त बिजली देकर इसकी भरपाई की जा रही है।
कोयले की कमी से बिगड़ी थी स्थिति
पिछले दिनों कोयला खदानों में पानी भरने और कोयले की उपलब्धता प्रभावित होने के साथ कुछ तापीय इकाइयों में तकनीकी समस्याएं भी सामने आई थीं। इसके चलते बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच करीब 3000 मेगावाट तक का अंतर बन गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के दौरान कई घंटे कटौती करनी पड़ रही थी।
अब बंद यूनिटों के दोबारा उत्पादन में आने से आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लौटती दिख रही है। आने वाले दिनों में उपलब्धता बढ़ने पर उपभोक्ताओं को रात की बिजली कटौती से और राहत मिलने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment