बिहार सरकार का बड़ा कदम, किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार के गन्ना किसानों को खेती की लागत कम करने और जैविक तरीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में गन्ना उद्योग विभाग की ओर से जैविक उपादानों की खरीद और इस्तेमाल पर किसानों को सब्सिडी दी जाएगी।

15 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास गन्ना पंजीकरण आईडी होना जरूरी है। रैयत और गैर-रैयत दोनों श्रेणी के किसान पात्र होंगे। एक किसान को अधिकतम एक एकड़ गन्ना क्षेत्र के लिए अनुदान दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन 16 सितंबर से 15 नवंबर 2026 तक केन केयर पोर्टल पर किया जा सकता है। योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है।

इन चीजों पर मिलेगी सब्सिडी

योजना में फेरोमोन या लाइट ट्रैप पर 75% तक, अधिकतम 900 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान मिलेगा। स्टिकी ट्रैप और ट्राइकोकार्ड पर अधिकतम 350 रुपये, जबकि ट्राइकोडर्मा, ब्यूवेरिया और मेटाराइजियम पर अधिकतम 500 रुपये की सहायता मिलेगी।

इसके अलावा हरी खाद पर 500 रुपये तक और कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट पर लागत का 50% या अधिकतम 3,000 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का प्रावधान है। जैव उर्वरकों पर भी 50% या अधिकतम 500 रुपये की सहायता मिलेगी।

सरकार के अनुसार जैविक उपादानों के इस्तेमाल से गन्ने की खेती में टिकाऊपन बढ़ाने और लंबे समय में उत्पादकता व चीनी रिकवरी में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

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