भारत से ये देश खरीदेगा घातक हथियार, तैयारी शुरू

नई दिल्ली। भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है, और इसका ताजा उदाहरण है आर्मेनिया की ओर से भारत की कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड (KSSL) से एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) की बड़ी खरीदारी की योजना। इस कदम के पीछे आर्मेनिया की अपनी तोपखाने की क्षमताओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की महत्वाकांक्षा है।

ATAGS: आधुनिक और प्रभावी तोपखाना प्रणाली

ATAGS, जिसे भारत की रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सहयोग से KSSL द्वारा विकसित किया गया है, 155 मिमी/52 कैलिबर की एक अत्याधुनिक हॉवित्जर प्रणाली है। इसे उच्च गतिशीलता, तीव्र तैनाती, और सटीक लक्ष्य भेदन के लिए डिजाइन किया गया है। इसका लाभ भारतीय सेना ने भी उठाया है, जिन्होंने 300 से अधिक यूनिट्स के बड़े पैमाने पर ऑर्डर दिए हैं। ATAGS की मारक क्षमता और विश्वसनीयता ने इसे विश्व के शीर्ष तोपखाना प्रणालियों में स्थान दिलाया है।

आर्मेनिया की संतुष्टि और विस्तारित खरीदारी

2023 में आर्मेनिया को ATAGS की 12 इकाइयां आपूर्ति की गई थीं, जिन्हें देश के जटिल और चुनौतीपूर्ण इलाकों में व्यापक परीक्षण से गुजरना पड़ा। इन परीक्षणों में ATAGS ने अपनी अनुकूलन क्षमता, 48 किलोमीटर तक की लंबी दूरी की सटीकता, और परिचालन विश्वसनीयता साबित की। इन सकारात्मक परिणामों ने आर्मेनिया को 80 अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने की योजना बनाने के लिए प्रेरित किया है।

भारत-अर्मेनिया रक्षा साझेदारी में नई ऊर्जा

यह सौदा केवल आर्मेनिया की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को भी गहरा करता है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह KSSL की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाता है। साथ ही, बड़ी संख्या में ATAGS की उत्पादन में तेजी और लागत में कमी आ रही है, जिससे आर्मेनिया जैसे छोटे देशों के लिए यह खरीदना आर्थिक रूप से भी व्यवहारिक हो गया है।

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