योगी सरकार का 1 बड़ा फैसला, किसानों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ना विकास विभाग ने गन्ना सर्वेक्षण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए एक विस्तृत और चरणबद्ध प्रशिक्षण योजना लागू कर दी है। इस पहल के तहत वैज्ञानिकों और गन्ना किस्मों की विशेषज्ञ जानकारी रखने वाले कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स बनाया गया, जिन्होंने विभाग और चीनी मिलों के 5,424 कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया।

गन्ना आयुक्त मिनिस्त्री एस. ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को गन्ने की किस्मों की पहचान, उनके भौतिक और वैज्ञानिक लक्षण, फील्ड निरीक्षण की प्रक्रिया और रिपोर्टिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कदम का उद्देश्य मिश्रित किस्मों और मानकों पर खरे न उतरने वाले गन्ने के प्लाटों की पहचान करना है।

योजना के प्रमुख बिंदु

1 .केवल सुझाए गए और उच्च उत्पादकता वाली किस्मों की ही बोआई सुनिश्चित की जाएगी।

2 .अस्वीकृत और कम उपज देने वाली किस्मों को विस्थापित किया जाएगा।

3 .समाप्त गन्ने वाले प्लाटों की पर्चियों को निरस्त किया जाएगा और वास्तविक गन्ना धारकों के लिए पर्चियों का पुनः निर्धारण किया जाएगा।

4 .बसंतकालीन बोआई के लिए बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए माइक्रोप्लान लागू किया जाएगा।

किसानों को होगा बड़ा फायदा

इस नई पहल से न केवल गन्ना उत्पादक किसानों को फायदा मिलेगा, बल्कि विभाग को फील्ड स्तर पर गन्ना सर्वेक्षण में सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। इससे गन्ना उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही वितरण और रिपोर्टिंग प्रणाली को भी प्रभावी बनाया जा सकेगा।

गन्ना विकास विभाग का मानना है कि यह कदम गन्ना किसानों के लिए साफ और लाभकारी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा और किसानों की मेहनत को सही लाभ दिलाने में मददगार साबित होगा।

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