1. न्यूनतम पेंशन में भारी इजाफा
अंदाज़ा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर न्यूनतम पेंशन वर्तमान ₹9,000 से बढ़कर ₹20,500–₹25,740 के बीच पहुँच सकती है। इससे छोटे पेंशनभोगियों को जीवन स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
2. फिटमेंट फैक्टर में बदलाव
कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर 3.25 तक बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान अनुमान के मुताबिक, यह फैक्टर कम से कम 2.86 तक हो सकता है। इसका मतलब पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और पेंशनर्स का मासिक वेतन बढ़ेगा।
3. मेडिकल अलाउंस में वृद्धि
गैर-CGHS क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह करने की जोरदार मांग उठी है। इससे स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में काफी मदद मिलेगी।
4. एरियर का लाभ
आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी, यानी अंतिम रिपोर्ट आने में देरी भी हो तो पेंशनर्स को जनवरी 2026 से लेकर लागू होने तक का पूरा बकाया एकमुश्त मिलेगा। इससे पेंशनभोगियों को वित्तीय राहत मिलेगी।
5. पेंशन रिवीजन और ग्रेच्युटी में सुधार
नए फॉर्मूले के तहत पेंशन की गणना होने की संभावना है, जिससे रिटायरमेंट बेनिफिट्स और ग्रेच्युटी की सीमा भी बढ़ सकती है। इससे रिटायर पेंशनभोगियों के लिए जीवन स्तर में सुधार होगा।
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