जनता से सुझावों का व्यापक संग्रह
पार्टी ने फरवरी के पहले हफ्ते में “विकसित पश्चिम बंगाल संकल्प पत्र, परामर्श संग्रह अभियान” शुरू किया। इसके तहत राज्य के लगभग 1,000 स्थानों पर ड्रॉप बॉक्स लगाए गए हैं। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर, ईमेल, ऑनलाइन फॉर्म, टाउन-हॉल मीटिंग्स और QR कोड के जरिए भी जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय मुद्दों पर विशेष ध्यान
बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व का निर्देश है कि संकल्प पत्र राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की विशेष समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए। खास तौर पर उत्तर बंगाल के 8 जिलों कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मालदा की स्थानीय समस्याओं पर जोर दिया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए अलग मिनी-मैनिफेस्टो या विशेष घोषणापत्र लाने की योजना भी है।
बेरोजगारी और युवाओं के लिए प्रस्ताव
पार्टी के अंदरखाने चर्चा के मुताबिक, बेरोजगार युवाओं के लिए 25,000 रुपये तक मासिक प्रोत्साहन भत्ता देने और इसे जॉब ओरिएंटेड ट्रेनिंग से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा 20 लाख नई नौकरियों, महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार को समाप्त करने और कानून व्यवस्था में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार
संकल्प पत्र में केंद्रीय योजनाओं के विस्तार, मेट्रो और रेलवे सुविधाओं का विकास और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी जैसे मुद्दों पर भी फोकस रहेगा। पार्टी टीएमसी के शासन के दौरान उत्पन्न हुई कमियों को उजागर करते हुए खुद को जनता का वास्तविक विकल्प के रूप में पेश करेगी।
मार्च तक होगा संकल्प पत्र जारी
संकल्प पत्र समिति संकलित सुझावों को एक-दो दिन में संकल्प पत्र के ड्राफ्ट में शामिल करेगी। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद इसे राज्य में वापस भेजा जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके जारी होने के समय केंद्रीय नेता, संभवतः गृह मंत्री सहित, उपस्थित रह सकते हैं। इस तरह बीजेपी बंगाल चुनाव में जनता की आवाज़ को सीधे अपने संकल्प पत्र में शामिल कर, खुद को जन-केंद्रित विकल्प के रूप में पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।

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