अब परिवार पेंशन का दायरा होगा व्यापक
नई व्यवस्था के तहत अंशदायी पेंशन योजना में शामिल कर्मचारियों के परिवारों को भी परिवार पेंशन का अधिकार मिलेगा। सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्ता बेटियों के लिए 25 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा समाप्त कर दी गई है। इसका अर्थ है कि वे जीवनभर पेंशन पाने की पात्र हो सकती हैं, यदि अन्य शर्तें पूरी हों। मानसिक रूप से दिव्यांग आश्रितों के लिए भी स्थायी पेंशन की सुविधा सुनिश्चित की गई है, जिससे ऐसे परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
आय सीमा तय करने का नया आधार
परिवार पेंशन के लिए आश्रितों की आय का आकलन अब केवल न्यूनतम पेंशन राशि तक सीमित नहीं रहेगा। न्यूनतम पेंशन (7,750 रुपये) के साथ महंगाई राहत को जोड़कर पात्रता तय की जाएगी। इससे वास्तविक जीवन-यापन लागत को ध्यान में रखते हुए अधिक न्यायसंगत व्यवस्था बनेगी।
पुराने नियमों में व्यापक संशोधन
राज्य में पेंशन संबंधी मूल नियम दशकों पहले बनाए गए थे। बदलती आर्थिक परिस्थितियों और केंद्र सरकार की व्यवस्थाओं के अनुरूप इन्हें अद्यतन करने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। अब नए नियमों के जरिए राज्य की पेंशन प्रणाली को समकालीन ढांचे में ढाला गया है।
पेंशन रोकने की प्रक्रिया में स्पष्टता
पेंशन से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों में भी नई व्यवस्था लागू होगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मामलों में निर्णय संबंधित विभाग स्तर पर लिया जाएगा, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े मामलों को मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
सेवा अवधि की गणना में राहत
जो कर्मचारी पहले केंद्र सरकार की सेवा में रह चुके हैं और बाद में राज्य में कार्यरत हुए, उनकी कुल सेवा अवधि को अब पेंशन निर्धारण में जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें वास्तविक सेवा अवधि के अनुरूप लाभ मिल सकेगा।
सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार की अनुमति
यदि कोई पेंशनधारी सेवानिवृत्ति के एक वर्ष के भीतर निजी या व्यावसायिक कार्य करना चाहता है, तो उसे संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। आवेदन के 60 दिन के भीतर यदि अस्वीकृति की सूचना नहीं दी जाती, तो अनुमति स्वतः स्वीकृत मानी जाएगी।
क्या बदलेगा इन नियमों से?
इन संशोधनों का सीधा असर कर्मचारियों के आश्रितों की आर्थिक सुरक्षा पर पड़ेगा। विशेष रूप से महिलाओं और दिव्यांग आश्रितों को आजीवन पेंशन का प्रावधान सामाजिक संरक्षण को मजबूत करेगा। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली यह नई पेंशन व्यवस्था लाखों परिवारों के लिए स्थायित्व और भरोसे का आधार बन सकती है।

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