पांच प्रमुख विषयों पर चर्चा
बैठक में कर्मचारियों की मांगों और भविष्य के वेतन पैटर्न को लेकर पांच अहम मुद्दों पर विचार किया गया। सबसे महत्वपूर्ण था फिटमेंट फैक्टर, जिसे कर्मचारियों ने 3.25 तक बढ़ाने की पेशकश की। इसके लागू होने पर न्यूनतम वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि संभव है। इसके अलावा, सालाना वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 7% करने, भत्तों जैसे HRA और मेडिकल अलाउंस के पुनर्गठन, और निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए बेहतर वेतन संरचना बनाने पर भी ध्यान दिया गया।
समानता और पेंशन सुधार
बैठक में वेतन बढ़ोतरी के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी उठी। केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों को JCM में प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की गई। इसके अलावा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनर्स्थापित करने की मांग भी महत्वपूर्ण रही, जिसे कर्मचारियों ने अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा।
आगे की प्रक्रिया और संभावित लाभ
जेसीएम की अगली बैठक 10 मार्च को होगी, जिसमें इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर आयोग को सौंपा जाएगा। अगर फिटमेंट फैक्टर और 7% सालाना वृद्धि लागू हो जाती है, तो एक सामान्य चपरासी की सैलरी 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

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