बिहार में राशन कार्ड जांच में तेजी, ई-केवाईसी 31 मार्च तक पूरी करें

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में संदिग्ध राशन कार्डों की जांच प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाया जाए।

ई-केवाईसी की समयसीमा

अब तक लगभग 82 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे लाभुकों का 31 मार्च तक ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है। ई-केवाईसी से फर्जी और अपात्र कार्डों की पहचान आसान होगी और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।

लाइसेंस 30 अप्रैल तक

विशेष सचिव ने स्पष्ट किया कि पीडीएस दुकानों में मौजूद रिक्त पदों को 31 मार्च तक भरना अनिवार्य है। उनका कहना था कि खाली पदों के कारण लाभुकों को राशन मिलने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 अप्रैल तक सभी पात्र उम्मीदवारों को लाइसेंस जारी कर दिया जाए। इससे राशन वितरण की व्यवस्था और अधिक सुचारु होगी।

निगरानी और जवाबदेही

अधिकारियों को पीडीएस प्रकाश ऐप के जरिए दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया गया। विभाग का उद्देश्य है कि राशन वितरण में कोई अनियमितता न हो और लाभ सीधे पात्र लाभुकों तक पहुंचे। विशेष सचिव ने बैठक में बार-बार कहा कि समय पर कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी योजना लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के राशन मिल सके।

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