बिहार में EWS प्रमाण पत्र के नए नियम, प्रक्रिया हुई सख्त

पटना। बिहार के मोतिहारी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र के लिए नियमों में बदलाव कर दिए गए हैं। अब आवेदकों की पूरी जांच किए बिना कोई प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। प्रशासन ने कहा है कि पहले कई ऐसे लोगों को भी लाभ मिल रहा था, जो असल में पात्र नहीं थे।

कड़ी वेरिफिकेशन प्रक्रिया

राजस्व अधिकारी नवनीत प्रकाश ने बताया कि अब सभी आवेदकों की संपत्ति और निवास की सटीक जानकारी जांची जाएगी। विशेष रूप से किराये के मकान में रहने वाले या नगर निगम क्षेत्र में 100 गज से अधिक जमीन रखने वाले लोग इस प्रक्रिया में शुमार होंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रमाण पत्र केवल योग्य लोगों को ही मिले।

जमीन की रसीद जरूरी

नई व्यवस्था के अनुसार, अब आवेदक को जमीन की रसीद आवेदन के साथ लगानी होगी। प्रशासन का कहना है कि रसीद से आवेदक की संपत्ति और निवास की सही जानकारी मिलेगी। जबकि आधार कार्ड को अकेला निवास प्रमाण माना नहीं जाएगा।

लोगों की प्रतिक्रिया

कुछ लाभार्थियों ने कहा है कि सख्ती के कारण उनके आवेदन खारिज हो सकते हैं, जिससे बच्चों के स्कूल नामांकन और परीक्षा फॉर्म भरने में दिक्कत आएगी। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल योग्य आवेदकों को ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

प्रभाव और उद्देश्य

इस कदम का उद्देश्य यह है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र केवल वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे और गलत लाभ रोकने में मदद मिले। प्रशासन ने कहा है कि सभी प्रक्रियाओं की निगरानी कड़ाई से की जाएगी।

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