बीपीएल परिवारों को मिलेगा लाभ
यह कनेक्शन विशेष रूप से बीपीएल परिवारों की महिलाओं को दिया जाएगा, जो अब तक खाना बनाने के लिए लकड़ी, कोयला या पारंपरिक चूल्हों पर निर्भर रही हैं। योजना का उद्देश्य महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाना, स्वास्थ्य सुधारना और रसोई को सुरक्षित बनाना है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने चालू वित्तीय वर्ष में बिहार को 25 लाख कनेक्शन की मंजूरी दी है। मंत्रालय ने राज्य सरकार और गैस कंपनियों को वितरण प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
गठित हुई उज्ज्वला समितियां
मंत्रालय की स्वीकृति के बाद खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को कनेक्शन वितरण की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। प्रत्येक जिले में “जिला उज्ज्वला समिति” का गठन किया गया है, जो आवेदनों की जांच कर पात्र लाभार्थियों को कनेक्शन दिलाएगी। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और लोगों को योजना के लाभों की जानकारी व्यापक स्तर पर दी जाए, ताकि कोई भी पात्र महिला वंचित न रहे।
10 लाख आवेदन थे लंबित
राज्य में पहले से करीब 10 लाख आवेदन लंबित पड़े थे। मुख्यमंत्री की समीक्षा के दौरान यह मुद्दा सामने आया, जिसके बाद राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त कनेक्शन आवंटित करने का आग्रह किया। अब केंद्र की मंजूरी के बाद इन आवेदनों के निपटारे की राह साफ हो गई है।
जीवन स्तर में होगा सुधार
जानकारों का मानना है कि गैस कनेक्शन मिलने से महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा, समय की बचत होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। पारंपरिक ईंधन से निकलने वाला धुआं न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण का भी बड़ा कारण है।

0 comments:
Post a Comment