भारत-इजरायल के बीच 27 समझौते, दोनों देश मिलकर बढ़ाएंगे सैन्य ताकत!

नई दिल्ली। भारत और इजरायल के संबंधों ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय राजकीय दौरे के बाद दोनों देशों ने कुल 27 महत्वपूर्ण परिणामों की घोषणा की। इनमें 17 समझौते (MoU) और 10 प्रमुख रणनीतिक घोषणाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक, तकनीक-आधारित और लोगों के हितों पर केंद्रित बनाना है।

दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” तक विस्तारित करने की घोषणा की। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर संयुक्त समिति को मंत्री-स्तर तक उन्नत किया गया, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व में क्रिटिकल और उभरती तकनीकों पर नई पहल शुरू की गई है। यह कदम रक्षा, साइबर और उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा।

डिजिटल भुगतान और रेमिटेंस में बड़ा कदम

डिजिटल सहयोग के तहत NPCI और MASAV के बीच समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस को आसान और तेज बनाना है।

जियोफिजिकल और मिनरल एक्सप्लोरेशन

जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में हुए समझौते के तहत एडवांस्ड जियोफिजिकल और AI तकनीकों का उपयोग कर खनिज संसाधनों की खोज को बढ़ावा दिया जाएगा। डेटा शेयरिंग, निवेश आकर्षण और सतत संसाधन विकास पर विशेष जोर रहेगा।

कृषि और मत्स्य क्षेत्र में इनोवेशन में सहयोग 

कृषि क्षेत्र में ICARऔर MASHAV के बीच इंडिया-इजराइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर स्थापित करने पर सहमति बनी है। यह केंद्र प्रिसिजन फार्मिंग, सैटेलाइट आधारित सिंचाई और आधुनिक कृषि मशीनरी पर काम करेगा। मत्स्य और एक्वाकल्चर क्षेत्र में भी उन्नत तकनीक, मैरीकल्चर और रोग प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए MoU साइन किए गए हैं।

सांस्कृतिक जुड़ाव और समुद्री विरासत

गुजरात के लोथल स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के विकास में सहयोग पर भी सहमति बनी है। प्रदर्शनियों, शोध, प्रकाशनों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के जरिए साझा समुद्री विरासत को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही 2026 से 2029 तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम चलाने पर सहमति हुई है, जिसके तहत संगीत, नृत्य, थिएटर और दृश्य कलाओं में सहयोग बढ़ेगा।

वित्तीय और तकनीकी सहयोग

वित्तीय क्षेत्र में IFSCA और ISA के बीच सहयोग समझौता हुआ है, जिससे फिनटेक और रेगटेक में साझेदारी मजबूत होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एथिकल AI, रिसर्च और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। शिक्षा में AI आधारित ह्यूमन-सेंटर्ड लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए अलग से MoU साइन हुआ है।

शिक्षा और अकादमिक सहयोग

Nalanda University और Hebrew University of Jerusalem के बीच शैक्षणिक सहयोग समझौता हुआ है। इसके तहत बौद्ध अध्ययन, पुरातत्व, गणित और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों में फैकल्टी और छात्र विनिमय को बढ़ावा मिलेगा। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत में इंडो-इजराइल साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में भी लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

0 comments:

Post a Comment