इससे पहले फरवरी में उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) वसूले जाने के आदेश के खिलाफ विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग में आपत्ति दर्ज कराई थी। आयोग इस प्रकरण की जांच कर रहा था। मार्च के लिए हुई इस कमी को परिषद ने बिजली दरों में स्पष्ट राहत के रूप में माना है।
समायोजन भी होगा जरूरी
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए तय औसत बिलिंग दर (ABR) 6.36 रुपये प्रति यूनिट थी, लेकिन आयोग के आदेश में देरी के कारण पावर कॉर्पोरेशन पुराने हिसाब (6.14 रुपये प्रति यूनिट) से अधिभार वसूलता रहा। इस वजह से लगभग 200 करोड़ रुपये अधिक वसूले गए, जिन्हें उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित करना होगा।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए
मार्च 2026 का बिल अपने पुराने भुगतान रिकॉर्ड से मिलान करें।
अधिक वसूली की स्थिति में यूपीपीसीएल से समायोजन की मांग करें।
विद्युत उपभोक्ता परिषद की वेबसाइट और हेल्पलाइन से अपडेट लेते रहें।

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