1. न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹32,000 से ₹51,000 के बीच हो सकता है। यह बदलाव कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार लाएगा।
2. उच्च फिटमेंट फैक्टर
कर्मचारी यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.25 तक बढ़ाने की मांग की है। इससे बेसिक वेतन में 30% से 35% तक का इजाफा हो सकता है।
3. पेंशन में बढ़ोतरी
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़ाकर ₹20,500 से ₹25,740 तक पहुँच सकती है। इससे रिटायर्ड कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।
4. महंगाई भत्ता (DA) का मर्जर
जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता (DA) के 60% तक पहुँचने की संभावना है। इसे बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग भी उठ रही है, जिससे कर्मचारियों की आय में स्थिर और बड़ा इजाफा होगा।
5. पदोन्नति नीति में सुधार
कर्मचारी यूनियनों ने सुझाव दिया है कि हर केंद्रीय कर्मचारी को सेवा के दौरान कम से कम 5 समयबद्ध प्रमोशन मिलें। इससे कर्मचारियों को करियर ग्रोथ के नए अवसर मिलेंगे।
6. सालाना वेतन वृद्धि की मांग
वर्तमान में 3% की वार्षिक वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 5% से 7% करने की मांग है, ताकि कर्मचारियों का वेतन वास्तविक महंगाई के अनुरूप बढ़े।
7. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
कर्मचारी संगठनों ने OPS को बहाल करने की मांग की है, जिससे भविष्य में पेंशन सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित होगी।
8. मेडिकल अलाउंस में वृद्धि की भी मांग
CGHS सुविधा न मिलने वाले शहरों में फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। यह कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत होगी।
9. लीव एनकैशमेंट
सेवानिवृत्ति के समय छुट्टी के बदले नकद भुगतान की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने पर चर्चा हो रही है। कई संगठन इसकी मांग कर रहे हैं।
10. 1 जनवरी 2026 से एरियर
यदि आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती हैं, तब भी उनका प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माना जाएगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का मोटा एरियर मिल सकता हैं।

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