मिशन निदेशक की निगरानी
इस पहल की निगरानी एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल कर रही हैं। आदेश में 64 जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि होली से पहले कैंसर रोगियों के लिए डे केयर सेंटर स्थापित किए जाएं। एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के तहत संचालित ये सेंटर केवल इलाज नहीं, बल्कि मरीजों की बेहतर देखभाल और सुविधा सुनिश्चित करेंगे।
विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण
इस परियोजना के तहत बृहस्पतिवार को लखनऊ स्थित प्रमुख संस्थानों आरएमएल, केजीएमसी और एसजीपीजीआई के कैंसर विशेषज्ञों ने नोडल अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में बताया गया कि कैंसर रोगियों की पहचान तुरंत करनी होगी और इलाज भी समय पर शुरू करना होगा। जहां आवश्यकता हो, वहां मरीज और तीमारदार का सहयोग सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
जिलेवार नोडल अधिकारी और स्टाफ
गाजियाबाद: डॉ. आलोक रंजन (नोडल), डॉ. पवन कुमारी (मेडिकल ऑफिसर), स्टाफ नर्स अंबिका सिंह, ललिता, सरिता (वार्ड प्रभारी)
गौतमबुद्ध नगर: डॉ. अनुराग सागर (नोडल), डॉ. प्रदीप और सौम्या सिंह (मेडिकल ऑफिसर), स्टाफ नर्स कविता, रिंकी, देवेन्द्र (वार्ड प्रभारी)
हापुड़: डॉ. प्रदीप (नोडल), डॉ. मोहित नागर और डॉ. अनुभव पांडेय (मेडिकल ऑफिसर), स्टाफ नर्स आकांक्षा, मीनाक्षी, प्रियंका रानी (वार्ड प्रभारी)
बागपत: डॉ. श्रवण कुमार (नोडल)
बुलंदशहर: डॉ. दिनेश सिंह (नोडल)
कुछ जिलों में वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं और खबर है कि होली से पहले इन जिलों में कैंसर रोगियों का इलाज शुरू हो जाएगा। इस पहल से प्रदेश में कैंसर मरीजों को समय पर इलाज, सुविधाजनक देखभाल और बेहतर चिकित्सकीय सेवा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री की इस योजना से रोगियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment